ग्वालियर: आज 24 जनवरी 2026 को पूरे देश के साथ-साथ ग्वालियर में भी ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ (National Girl Child Day) पूरे हर्षोल्लास और संकल्प के साथ मनाया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में ग्वालियर कलेक्ट्रेट और शहर के विभिन्न हिस्सों में भव्य जागरूकता कार्यक्रमों, रैलियों और सम्मान समारोहों का आयोजन किया गया। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करना है।
कलेक्ट्रेट से शुरू हुई जागरूकता रैली
आज सुबह ग्वालियर कलेक्ट्रेट परिसर से एक विशाल जागरूकता रैली को जिला कलेक्टर द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस रैली में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूली छात्राओं और विभिन्न एनजीओ (NGO) के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
- नारे और संदेश: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘बेटी है तो कल है’ जैसे नारों के साथ छात्राओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए लोगों को बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
- नुक्कड़ नाटक: फूलबाग और महाराज बाड़े जैसे प्रमुख स्थानों पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमों द्वारा लघु नाटकों का मंचन किया गया, जिसमें कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर चोट की गई।
मेधावी बेटियों और प्रतिभाओं का सम्मान
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर की उन बेटियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने शिक्षा, खेल, कला और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन किया है।
- सम्मान पत्र: बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक लाने वाली छात्राओं और राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली बालिकाओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
- प्रशासनिक संवाद: कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बालिकाओं से संवाद किया और उन्हें सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं (जैसे लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0) के लाभों के बारे में जानकारी दी।
स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष सत्र
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आज जिले के विभिन्न केंद्रों पर स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए गए।
- एनीमिया मुक्त अभियान: किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष कैंप लगाए गए, जहाँ उन्हें पोषण आहार और स्वास्थ्य किट वितरित की गई।
- परामर्श: विशेषज्ञों द्वारा बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए परामर्श सत्र आयोजित किए गए।
हस्ताक्षर अभियान: ‘मेरी बेटी, मेरा गौरव’
जागरूकता फैलाने के एक अभिनव तरीके के रूप में, शहर के प्रमुख चौराहों पर ‘हस्ताक्षर बोर्ड’ लगाए गए। जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित आम नागरिकों ने इन बोर्डों पर हस्ताक्षर कर बेटियों को समान अवसर और सुरक्षित वातावरण देने की शपथ ली।
बाल विवाह के खिलाफ हुंकार
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि ग्वालियर जिले में बाल विवाह जैसी कुरीतियों के लिए कोई जगह नहीं है। विभाग ने हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार-प्रसार किया ताकि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल दी जा सके। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर बालिका का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित किया जाए और ड्रॉप-आउट रेट को शून्य पर लाया जाए।
डिजिटल माध्यमों से जागरूकता
केवल मैदानी स्तर पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से भी आज ग्वालियर की सफल महिलाओं की कहानियों (Success Stories) को साझा किया गया। जिला प्रशासन के आधिकारिक हैंडल से ‘Selfie with Daughter’ अभियान चलाया गया, जिसमें सैकड़ों अभिभावकों ने अपनी बेटियों के साथ तस्वीरें साझा कर इस उत्सव में हिस्सा लिया।
निष्कर्ष
ग्वालियर में आज का यह भव्य आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक मजबूत सामाजिक संदेश था। प्रशासन और नागरिक समाज की यह संयुक्त कोशिश निश्चित रूप से समाज की सोच में बदलाव लाएगी और ग्वालियर की बेटियों को उनके सपनों की उड़ान भरने के लिए एक नया आसमान प्रदान करेगी।







