ग्वालियर। शहर की सड़कों पर रेड लाइट जंप करने, हेलमेट न पहनने और ओवरस्पीडिंग को अपना अधिकार समझने वाले रसूखदार और लापरवाह वाहन चालकों के लिए बुरी खबर है। ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन विभाग (RTO) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आज 418 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई उन लोगों पर की गई है जिन्होंने यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन किया और पुलिस द्वारा भेजे गए ई-चालान को लगातार नजरअंदाज किया।
बार-बार उल्लंघन करने वाले ‘रिपीट ऑफेंडर्स’ पर कार्रवाई
ग्वालियर एसपी और डीएसपी (ट्रैफिक) के निर्देशानुसार, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए शहर के विभिन्न चौराहों पर लगे कैमरों से उन वाहनों की सूची तैयार की गई थी, जिनके नाम पर 5 से अधिक चालान लंबित थे।
पुलिस विभाग के अनुसार, इन 418 लोगों को कई बार नोटिस भेजे गए और मोबाइल पर मैसेज के जरिए सूचना दी गई कि वे अपना जुर्माना भर दें। लेकिन इन वाहन चालकों ने न तो चालान का भुगतान किया और न ही ट्रैफिक थाने में हाजिर हुए। परिणाम स्वरूप, परिवहन विभाग ने मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत इनके लाइसेंस 3 से 6 महीने के लिए निलंबित कर दिए हैं।
ITMS कैमरों की निगरानी और ई-चालान प्रक्रिया
ग्वालियर को स्मार्ट सिटी बनाने के क्रम में शहर के प्रमुख चौराहों (जैसे फूलबाग, गोला का मंदिर, हजीरा और अचलेश्वर) पर हाई-डेफिनिशन ITMS (Intelligent Traffic Management System) कैमरे लगाए गए हैं।
यह सिस्टम कैसे काम करता है और क्यों लोग पकड़े जा रहे हैं:
- ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR): जैसे ही कोई वाहन रेड लाइट जंप करता है, कैमरा उसकी नंबर प्लेट की फोटो खींच लेता है।
- डाटा मिलान: यह सिस्टम सीधे परिवहन विभाग के सर्वर से जुड़ा है, जहाँ से वाहन मालिक का नाम और पता निकाला जाता है।
- ई-चालान प्रेषण: वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर तुरंत चालान का लिंक भेज दिया जाता है।
- ब्लैकलिस्टिंग: यदि 90 दिनों के भीतर चालान नहीं भरा जाता, तो वाहन को पोर्टल पर ‘ब्लैकलिस्ट’ कर दिया जाता है, जिससे उस गाड़ी का बीमा या फिटनेस रिन्यू नहीं हो पाता।
अब घर से उठाई जाएंगी गाड़ियाँ
ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि लाइसेंस निलंबन तो सिर्फ शुरुआत है। अब विभाग उन टॉप-100 उल्लंघनकर्ताओं की सूची बना रहा है जिन पर हजारों रुपये का जुर्माना बकाया है। पुलिस अब इन वाहन चालकों के घर जाकर वाहनों को क्रेन से उठाकर जब्त करने की तैयारी में है। विशेष रूप से शहर के रसूखदार इलाकों में रहने वाले लोग, जो ई-चालान को केवल एक ‘मैसेज’ समझकर डिलीट कर देते थे, अब पुलिस के निशाने पर हैं।
जनता के लिए महत्वपूर्ण सलाह
ग्वालियर ट्रैफिक विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और यदि अनजाने में कोई उल्लंघन हुआ है, तो समय रहते चालान का भुगतान करें।
- एमपी पुलिस के पोर्टल या mptrafficpolice.gov.in पर जाकर अपने वाहन का नंबर डालकर बकाया चेक करें।
- ऑनलाइन भुगतान करें और रसीद संभाल कर रखें।
- यदि आपको लगता है कि चालान गलत कटा है, तो आप कंट्रोल रूम जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, लेकिन अनदेखी न करें।
निष्कर्ष
ग्वालियर प्रशासन का यह सख्त कदम शहर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। 418 लाइसेंसों का एक साथ निलंबन शहर के अन्य वाहन चालकों के लिए एक कड़ा संदेश है कि “कैमरा सब देख रहा है” और कानून के हाथ से बचना नामुमकिन है।







