ग्वालियर। शहर के नियोजित विकास में बाधक बन रहे भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ ग्वालियर नगर निगम ने युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ने का निर्णय लिया है। नगर निगम प्रशासन ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वेक्षण के बाद प्रथम चरण में 58 अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया है, जिन पर आगामी 28 जनवरी 2026 से ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
प्रशासन की तैयारी और मास्टर प्लान
नगर निगम आयुक्त और सिटी प्लानर (नगर निवेशक) महेंद्र अग्रवाल के अनुसार, ये वे कॉलोनियां हैं जहाँ बिना किसी वैध अनुमति के कृषि भूमि पर प्लॉटिंग की गई है। निगम ने इस बड़े अभियान के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र लिखकर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक सहयोग की मांग की है। यह अभियान 28 जनवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक पूरे एक महीने चलेगा।
किन इलाकों पर गिरेगी गाज?
नगर निगम की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के बाहरी और विस्तारित क्षेत्रों में अवैध निर्माण का जाल सबसे ज्यादा फैला है। चिन्हित की गई 58 कॉलोनियों में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
- ग्वालियर ग्रामीण: पिपरौली, सालूपुरा, और गिरवाई।
- ग्वालियर पूर्व और उत्तर: पुरानी छावनी, मोतीझील, महाराजपुरा, और सैथरी।
- अन्य संवेदनशील क्षेत्र: नौगांव, केदारपुर, गंगापुर, अजयपुर, वीरपुर, खुरैरी और जगनापुरा।
इन क्षेत्रों में कॉलोनाइजरों ने बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) की अनुमति के सड़क, सीवर लाइन और बिजली के खंभे गाड़ दिए थे, जिन्हें अब पूरी तरह जमींदोज किया जाएगा।
सख्त कार्रवाई का आधार: MP कॉलोनी विकास नियम 2021
निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नगर पालिक निगम अधिनियम और मध्यप्रदेश कॉलोनी विकास नियम 2021 के तहत की जा रही है। नियमानुसार, किसी भी कॉलोनी को विकसित करने से पहले विकास शुल्क जमा करना और नक्शा पास कराना अनिवार्य है। चिन्हित 58 कॉलोनियों के संचालकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में अब इन अवैध ढांचों को हटाने के साथ-साथ संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।
जनता के लिए चेतावनी और पारदर्शी व्यवस्था
नगर निगम ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई इन अवैध कॉलोनियों में निवेश न करें। भू-माफिया अक्सर कम कीमत का लालच देकर लोगों को फंसा लेते हैं, लेकिन बाद में वहां न तो बिजली का कनेक्शन मिल पाता है और न ही नगर निगम मूलभूत सुविधाएं प्रदान करता है।
- वैध कॉलोनियों की सूची: भ्रम दूर करने के लिए निगम ने शहर की 297 वैध कॉलोनियों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी है।
- डाटा रिपोर्ट: वर्तमान में ग्वालियर में लगभग 932 अवैध कॉलोनियां चिन्हित हैं, जिनमें से ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक (672) हैं। प्रशासन का लक्ष्य पहले चरण में इन 58 बड़े ठिकानों को नष्ट कर भू-माफियाओं को कड़ा संदेश देना है।
निष्कर्ष
ग्वालियर में ‘बुलडोजर न्याय’ का यह नया अध्याय शहर की सूरत सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक हस्तक्षेप और रसूखदार बिल्डरों के दबाव से निपटना होगी। यदि यह अभियान पूरी पारदर्शिता के साथ सफल होता है, तो इससे न केवल सरकारी खजाने को राजस्व का लाभ होगा, बल्कि आम जनता भी ठगी का शिकार होने से बच सकेगी।







