हमीरपुर में आयोजित स्व. रामलाल वर्मा स्मृति राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में ग्वालियर की टीम ने अपने शानदार खेल से सभी का दिल जीत लिया। कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच सब्जी मंडी मैदान पर खेले गए इन मुकाबलों में ग्वालियर के खिलाड़ियों ने तकनीकी श्रेष्ठता और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन किया।
रोमांचक मुकाबले में गोरखपुर को दी मात
प्रतियोगिता के एक अहम और हाई-प्रोफाइल मुकाबले में ग्वालियर का सामना गोरखपुर की टीम से हुआ। दोनों ही टीमें अपनी आक्रामक सर्विस और मजबूत डिफेंस के लिए जानी जाती हैं।
- मैच का स्कोर: ग्वालियर ने इस कड़े मुकाबले को 25-21, 25-18 के सीधे सेटों में अपने नाम किया।
- खेल का स्तर: शुरुआत में गोरखपुर ने बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन ग्वालियर के ‘स्मैशर्स’ ने नेट पर बेहतरीन खेल दिखाते हुए गोरखपुर के डिफेंस को भेद दिया। मैच के दौरान दर्शकों का उत्साह चरम पर था और हर अंक पर तालियों की गड़गड़ाहट से मैदान गूँज उठा।
प्रयागराज के खिलाफ भी शानदार जीत
गोरखपुर को हराने से पहले, ग्वालियर ने प्रयागराज की मजबूत टीम को भी शिकस्त दी थी। इस मैच में ग्वालियर ने रणनीतिक बदलाव करते हुए ‘ड्रॉप शॉट्स’ का चतुराई से इस्तेमाल किया।
- स्कोरकार्ड: ग्वालियर ने प्रयागराज को 25-17 और 26-24 के अंतर से हराया। दूसरे सेट में मुकाबला काफी करीबी रहा, जहाँ एक समय दोनों टीमें 24-24 की बराबरी पर थीं, लेकिन ग्वालियर ने धैर्य बनाए रखा और लगातार दो अंक लेकर मैच जीत लिया।
सेमीफाइनल की राह और कड़ा संघर्ष
इन जीत के साथ ग्वालियर की टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। सेमीफाइनल में ग्वालियर का मुकाबला दिल्ली (LPN क्लब) जैसी दिग्गज टीम से हुआ।
- देर रात तक चला मुकाबला: कड़ाके की ठंड के बावजूद सेमीफाइनल मैच फ्लडलाइट्स की रोशनी में देर रात तक चला। ग्वालियर के खिलाड़ियों ने दिल्ली की टीम को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, इस सफर में टीम को उतार-चढ़ाव का सामना भी करना पड़ा, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन ‘टॉक ऑफ द टाउन’ रहा।
आयोजन और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
प्रतियोगिता का शुभारंभ सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति और ब्लॉक प्रमुख जयनारायण सिंह यादव ने किया था।
- आयोजन स्थल: हमीरपुर के पौथिया गांव का सब्जी मंडी मैदान इस गौरवशाली प्रतियोगिता का गवाह बना।
- प्रोत्साहन: जीत के बाद ग्वालियर की टीम के कोच और खिलाड़ियों को स्थानीय खेल प्रेमियों और आयोजन समिति ने सम्मानित किया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ग्वालियर के युवा खिलाड़ियों में नेशनल लेवल पर चमकने की पूरी क्षमता है।
जीत का श्रेय और टीम वर्क
ग्वालियर की इस सफलता का श्रेय टीम के कप्तान और उनके सधे हुए तालमेल को जाता है। विशेष रूप से टीम के ‘सेटर’ ने जिस तरह से स्मैशर्स के लिए गेंदें बनाईं, उसने प्रतिद्वंद्वी टीमों को संभलने का मौका नहीं दिया। ठंड के कारण गेंद पर नियंत्रण रखना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन ग्वालियर के खिलाड़ियों ने अपने अभ्यास के दम पर इस बाधा को पार किया।
निष्कर्ष
यह जीत न केवल ग्वालियर के लिए खेल के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के उभरते हुए वॉलीबॉल खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी है। राज्य स्तरीय मंच पर गोरखपुर और प्रयागराज जैसी बड़ी टीमों को हराना ग्वालियर में वॉलीबॉल की बढ़ती लोकप्रियता और प्रतिभा को दर्शाता है।









