ग्वालियर: मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से, विशेषकर ग्वालियर-चंबल संभाग में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। शनिवार, 24 जनवरी 2026 की सुबह ग्वालियर और आसपास के जिलों (भिंड, मुरैना और दतिया) में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम दर्ज की गई। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर मौसम का मिजाज और अधिक बिगड़ने वाला है। एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से 26 जनवरी को हल्की बारिश और उसके बाद कड़ाके की ठंड की वापसी होने वाली है।
आज का हाल: घने कोहरे में डूबा शहर
आज सुबह ग्वालियर में कोहरे का असर इतना अधिक था कि हाईवे पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार थम गई।
- दृश्यता (Visibility): सुबह 7 बजे के आसपास दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही, जिससे ट्रेनों और उड़ानों पर भी असर पड़ा।
- तापमान: न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। बादलों की मौजूदगी के कारण रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
26 जनवरी से ‘मावठा’ गिरने के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत में एक नया और मजबूत ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ दस्तक देने वाला है। इसका सीधा असर ग्वालियर-चंबल संभाग पर पड़ेगा।
- बारिश का अलर्ट: 26 जनवरी की दोपहर या शाम से आसमान में घने बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश (मावठा) होने की प्रबल संभावना है।
- गणतंत्र दिवस समारोह पर असर: बारिश और ठंडी हवाओं के चलते गणतंत्र दिवस की परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में खलल पड़ सकता है। प्रशासन को वाटरप्रूफ टेंट और विशेष इंतजाम करने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के बाद लौटेगी कड़ाके की ठंड
जैसे ही यह सिस्टम (27 या 28 जनवरी को) आगे बढ़ेगा, उत्तर भारत के पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं ग्वालियर को अपनी चपेट में ले लेंगी।
- तापमान में गिरावट: बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आ सकती है।
- शीत लहर (Cold Wave): जनवरी के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर ग्वालियर-चंबल अंचल में शीतलहर चलने की संभावना है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘मावठा’ (बेमौसम बारिश) रबी की फसलों, विशेषकर गेहूँ और चने के लिए कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो सकती है। लेकिन, यदि ओलावृष्टि (Hailstorm) होती है, तो सरसों की फसल को नुकसान पहुँच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल सिंचाई रोक दें और मौसम साफ होने का इंतजार करें।
सावधानी बरतें: हाईवे पर ड्राइविंग के नियम
घने कोहरे के कारण ग्वालियर-आगरा और ग्वालियर-झांसी हाईवे पर सफर करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है:
- अपनी गाड़ी की फॉग लाइट (Fog Lights) और इंडिकेटर चालू रखें।
- सड़कों पर सफेद पट्टी (White Line) को गाइड के तौर पर इस्तेमाल करें।
- अचानक ब्रेक लगाने से बचें और वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
निष्कर्ष
ग्वालियर में फिलहाल ठंड से जो मामूली राहत मिली है, वह ‘तूफान से पहले की शांति’ जैसी है। 26 जनवरी से शुरू होने वाला बारिश का दौर न केवल पारा गिराएगा, बल्कि फरवरी की शुरुआत तक सर्दी का अहसास कराएगा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए ग्वालियर, भिंड, मुरैना और श्योपुर में ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है।







