ग्वालियर सेना भर्ती कार्यालय ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए अग्निवीर भर्ती के इतिहास में पहली बार तीसरी मेरिट लिस्ट जारी की है। यह समाचार न केवल ग्वालियर अंचल के युवाओं के लिए गौरव की बात है, बल्कि सेना की भर्ती प्रक्रिया में आए बड़े बदलाव को भी दर्शाता है। 15-16 जनवरी 2026 को जारी इस अपडेट के मुख्य बिंदु और विस्तार नीचे दिया गया है:


सेना भर्ती में ग्वालियर का नया रिकॉर्ड: तीसरी मेरिट लिस्ट और 206 अतिरिक्त चयन

पहली बार तीसरी मेरिट लिस्ट का गौरव

भारतीय सेना की भर्ती प्रक्रिया में आमतौर पर एक या अधिकतम दो मेरिट लिस्ट जारी की जाती हैं। लेकिन ग्वालियर सेना भर्ती कार्यालय (ARO Gwalior) ने इस बार तीसरी मेरिट लिस्ट जारी कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह उन युवाओं के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है जो बहुत कम अंकों के अंतर से पीछे रह गए थे और जिन्हें वेटिंग या रिजर्व लिस्ट में रखा गया था।

206 अतिरिक्त युवाओं का हुआ चयन

इस तीसरी लिस्ट के माध्यम से ग्वालियर अंचल के 206 अतिरिक्त अभ्यर्थियों का चयन अग्निवीर के रूप में किया गया है।

  • बढ़ती रिक्तियां: सेना भर्ती कार्यालय के निदेशक, कर्नल पंकज कुमार के अनुसार, सेना में बढ़ी हुई रिक्तियों (Vacancies) के कारण इन अतिरिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया गया।
  • कुल चयन: इससे पहले पहली लिस्ट में 704 और दूसरी लिस्ट में 770 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। अब 206 नए नामों के जुड़ने से ग्वालियर संभाग से चयनित कुल अग्निवीरों की संख्या 1509 तक पहुंच गई है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है।

चयन का बदला हुआ ग्राफ

पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर सेना भर्ती में प्रति वर्ष औसतन 700 से 900 अभ्यर्थी ही चयनित हो पाते थे। लेकिन वर्ष 2025-26 की इस भर्ती प्रक्रिया में चयन का यह ग्राफ लगभग दोगुना हो गया है। यह अंचल के युवाओं की कड़ी मेहनत और सेना की विस्तारित भर्ती नीति का परिणाम है।

ट्रेनिंग के लिए रवानगी और दस्तावेज़ सत्यापन

तीसरी लिस्ट में चयनित युवाओं के पास तैयारी के लिए बहुत कम समय है।

  • महत्वपूर्ण तारीखें: चयनित अभ्यर्थियों को 22 और 23 जनवरी 2026 को ट्रेनिंग सेंटर्स के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
  • प्रक्रिया: इन युवाओं को तत्काल अपने संबंधित भर्ती कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) और मेडिकल औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने इस प्रक्रिया को ‘फास्ट-ट्रैक’ मोड पर रखा है ताकि उन्हें समय पर ट्रेनिंग बैच में शामिल किया जा सके।

युवाओं और क्षेत्र में उत्साह का माहौल

जैसे ही तीसरी लिस्ट की खबर सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में फैली, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया और शिवपुरी जैसे जिलों में जश्न का माहौल देखा गया। ग्वालियर अंचल को ‘सैनिकों की खान’ कहा जाता है, और इतनी बड़ी संख्या में चयन इस पहचान को और मजबूत करता है।

निष्कर्ष

ग्वालियर सेना भर्ती में तीसरी मेरिट लिस्ट का आना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा के प्रति युवाओं के बढ़ते जुनून और सेना की नई ‘अग्निवीर योजना’ के सफल क्रियान्वयन का संकेत है। यह उपलब्धि भविष्य में अन्य क्षेत्रों के युवाओं को भी सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करेगी।